युवा | जेंडर | यौनिकता: पैरोकारी कार्यशाला, 18-21 जुलाई

दा वाई0 पी0 फाउन्डेषन, नई दिल्ली में दिनांक 18 से 21 जुलाई, 2017 तक आयोजित किए जाने वाले युवा पैरोकारी प्रषिक्षण के लिए भारत भर के इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित करता है। इस प्रषिक्षण का उद्देष्य, युवाओं को नीतिगत पैरोकारी संबंधी जानकारी और कौषल प्रदान करना है। इस प्रक्रिया में, यह प्रषिक्षण आंदोलन निर्माण और नीतिगत बदलाव के बीच संबंध स्थापित करेगा। इस प्रषिक्षण में जेंडर, यौनिकता, युवाओं के यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकारों से संबंधित नीतियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।  

पृश्ठभूमि

भारत और दुनिया भर के सिविल सोसाइटी संगठन, स्थानीय, राश्ट्रीय और अंतर्राश्ट्रीय स्तरों पर हमेषा नीतिगत मामलों से जुड़े रहे हैं। इसलिए, नीतिगत पैरोकारी का एक षब्द के रूप में व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है और इसके अनेक अर्थ और व्याख्या हैं। जब हम मानव अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर कार्य करते हैं, तो प्रमुख संस्थाओं  और तंत्रों- संयुक्त राश्ट्र, अनेक संयुक्त राश्ट्र सम्मेलनों, राश्ट्रीय नीतियों और कार्यक्रमों व भारतीय संविधान का भी उल्लेख किया जाता है या उनका संदर्भ दिया जाता है। हालांकि, नीतिगत पैरोकारी क्या है और यह सक्रिय प्रतिभागिता और मानव अधिकारों के अन्य कार्यों के दूसरे रूपों से किस तरह भिन्न है? पैरोकारी को समझना और इसको खोलना व अपने काम के संदर्भं में इसका उपयोग करना क्यों महत्वपूर्ण है? हमारे जमीनी स्तर के कार्यों में संयुक्त राश्ट्र और मानव अधिकार संबंधी औपचारिक तंत्रों का क्या महत्व है? इस प्रषिक्षण से ऐसे ही कुछ प्रष्नों का उत्तर मिलेगा और यह, विषेशकर युवा के रूप में हमारे जीवन को प्रभावित करने वाली महत्वपूर्ण नीतियों को समझने में प्रतिभागियों की मदद करेगा। यह प्रषिक्षण औपचारिक मानवाधिकार तंत्रों पर प्रतिभागियों की समझ को बढाने में मदद करेगा और इन मुष्किल लगने वाले षब्दों कोे अधिक आसान और हमारे जीवन की वास्तविकताओं और कार्य के अनुकूल बनाएगा। इसके साथ-साथ यह प्रषिक्षण, प्रतिभागियों को इस बात की जानकारी प्रदान करेगा कि किस प्रकार सामाजिक आंदोलन, गठबंधन निर्माण और पैरोकारी प्रक्रिया को लोकतांत्रिक बनाकर नीतिगत बदलावों को प्रभावित करता रहा है और करता रहेगा। यह प्रषिक्षण सफलताओं और मुख्य आंदोलनों - जैसे कि घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम (2005), जो महिला आंदोलनों और संगठनों के नेतृत्व में जमीनी स्तर से लेकर राश्ट्रीय स्तर तक एकजुटता का परिणाम था; या सूचना का अधिकार अधिनियम, जो जमीनी स्तर से षुरू होकर 1994 में मजदूर किसान षक्ति संगठन की पहल पर 40 दिनों के धरना पर समाप्त हुआ था, जिसके कारण वर्श 2000 में राजस्थान में सूचना का अधिकार अधिनियम लागू हुआ और अनेक घटनाओं के उपरांत 2005 में यह राश्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया था, के अनुभवों से सीख लेगा। 

पैरोकारी और सक्रिय प्रतिभागिता के सभी रूपों में, चाहे वे जमीनी स्तर के आंदोलनों के माध्यम से हों या औपचारिक तंत्रों के माध्यम से, राश्ट्रीय और अंतर्राश्ट्रीय स्तर पर युवाओं ने नीतिगत बदलाव में उल्लेखनीय योगदान किया है। हालांकि, पैरोकारी से जुड़े सूचना के स्तरों के बारे में उनकी जानकारी बढ़ाने; पैराकारी तंत्रों, प्रक्रियाओं और षब्दावलियों को समझने; और अपने कार्य और सक्रियता के लिए पैरोकारी की प्रासंगिकता को समझने के अवसरों की कमी है। यह प्रषिक्षण, इस कमी को दूर करने और युवाओं के लिए षिक्षा और परिवर्तनकारी अवसर उपलब्ध कराने का एक प्रयास है। आषा है कि यह प्रषिक्षण, विविध युवा समूहों को साथ लाकर प्रतिभागियों और प्रतिभागी संगठनों के बीच एकजुटता को बढ़ावा देगा। 
उद्देष्य

  • औपचारिक और अनौपचारिक मानव अधिकार तंत्रों की जानकारी में वृद्धि करना
  • आंदोलन निर्माण और नीतिगत बदलाव के बीच संबंध की समझ विकसित करना
  • उचित यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकारों (एलजीबीटी सहित) से जुड़े मुद्दों पर वर्तमान नीतिगत बहस की समझ विकसित करना
  • कानूनी और मीडिया पैरोकारी पर युवओं को कुषल बनाना

पाठ्यक्रम की विशय वस्तु

प्रषिक्षण में निम्नलिखित विशय षामिल होंगेः 

  • औपचारिक मानव अधिकार तंत्र, जैसे कि संयुक्त राश्ट्र, मानवाधिकार आयोग, युवाओं और यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकारों पर विषिश्ट नीतिगत दस्तावेज 
  • आंदोलन एवं गठबंधन निर्माण और नीतिगत बदलाव के बीच संबंध
  • मीडिया पैरोकारी 
  • प्रतिभागियों के संदर्भों और कार्य के सुसंगत नीतिगत पैरोकारी की योजनाएं बनाना 

विशय विषेशज्ञ 

इशिता चैधरी ने वर्श 2002 में दा0 वाई0 पी0 फाउंडेषन की स्थापना की थी और 2015 तक इसके कार्यकारी निदेषक के रूप में कार्य करते हुए मानव अधिकारों के मूददो पर युवाओं नेंतृत्व को बढावा दिया और सामुदायिक एवं नीतिगत कार्यक्रमों के माध्यम से भारत के 18 राज्यों के 450,000 युवाओं तक पहॅंच स्थापित की। वह एक प्रषिक्षित संगीतकार, नारीवादी कार्यकर्ता, अषोका और आईएनके की फैलो हैं, वह  षिक्षा अनुसंधान और प्रषिक्षण राज्य परिशद दिल्ली सरकार के लिए अध्यापक प्रषिक्षण डिजाइन और क्षमता निर्माण समिति की सलाहकार सदस्य हैं, अंतर्राश्ट्रीय गठबंधन ‘रिसर्ज’ और सलाहकार समूह टार्चलाइट कलेक्टिव की सह संस्थापक और ग्लोबल फंड फाॅर वीमेन की सलाहकार हैं। युवा नेतृत्व और सामाजिक न्याय को आगे ले जाने के लिए समुदाय, राज्य, राश्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैष्विक स्तर पर कार्यक्रमों का निर्माण करते हुए सुश्री इशिता युवाओं की पहुंच को यौन व प्रजनन स्वास्थ्य व अधिकार, स्वास्थ्य एवं षिक्षा के मुददों पर बढ़ावा देने के लिए संयुक्त राश्ट्र और सरकार की अनेक समतियों में कार्य करती हैं।   

निधि गोयल, भारत की दिव्यांग नारीवादी हैं, और रिसर्च, प्रषिक्षण, पैरोकारी, और कला के माध्यम से विकलांगता और जेंडर के अंतर्संबंध पर कार्य करती हैं। वह ‘प्वाइंट आॅफ व्यू’ में यौन और विकलांगता कार्यक्रम निदेषक, ह्यूमेन राइट्स वाॅच की षोधकर्ता, और क्रिया यौनिकता, जेंडर और अधिकार संस्थान में एक प्रषिक्षक हैं, सुश्री निधि भारत में और अंतर्राश्ट्रीय स्तर पर नीतिगत और विधायी स्तर पर पैरोकारी करती हैं। सुश्री निधि को प्रतिश्ठित संयुक्त राश्ट्र महिला सिविल सोसाइटी सलाहकार समूह की कार्यकारी निदेषक नियुक्त किया गया है, वह डच मंत्रालय की अनुदान सुविधा ‘‘वायस’’ के सलाहकार मंडल की सदस्या हैं, और ए0डब्ल्यू0आई0डी0 के बोर्ड में वैष्विक स्तर पर निर्वाचित हुई हैं। एक हास्य कलाकार (स्टैंडअप कामेडियन) के रूप में वह विकलांगता, जेंडर और यौनिकता संबंधी बातों के प्रचार-प्रसार के लिए हास्य का उपयोग करती हैं। निधि को @saysnidhigoyal पर फाॅलो करें।  

मानक मटियानी, एक नारीवादी, समलैंगिक कार्यकर्ता और दा वाई0 पी0 फांउडेंषन के कार्यकारी निदेषक हैं। इनका कार्य यौनिकता, जेंडर आधारित हिंसा, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकार तथा युवा विकास से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रत करते हुए युवा नेतृत्व को सामाजिक बदलावों में सहयोग प्रदान करना है। मानक, एक प्रषिक्षित दाक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता भी हैं और उनको कार्यक्रम प्रबंधन और डिजाइन, प्रषिक्षण और सहजकर्ता, सोषल मीडिया अभियानों, समुदाय आधारित कार्यक्रमों, डिजिटल कहानीकार, नेतृत्व विकास और सामाजिक उद्यमषीलता के विकास और प्रबंध का अनुभव प्राप्त है। 

अर्हता मापदंड 

दा वाई0 पी0 फाउन्डेषन ऐसे व्यक्तियों से आवेदन आमंत्रित करता है, जो: 

  • 30 वर्श से कम आयु के हैं 
  • कम से कम 2 वर्शों से मानव अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर कार्य कर रहे हैं 
  • हिंदी में आसानी से पढ़, लिख और बात कर सकते हैं   

दा वाई0 पी0 फाउन्डेषन एक आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिभागियों का चयन करेगा। दा वाई0 पी0, प्रषिक्षण स्थल तक आने व वापस जाने और प्रषिक्षण की अवधी के दौरान आवास एवं भोजन का खर्च वहन करेगा। 

आवेदन करने के लिए कृपया विशय लाइन में ‘युवा पैरोकारी प्रषिक्षण के लिए आवेदन’ का उल्लेख करते हुए निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ souvik[at]theypfoundation[dot]org पर भेज दें: 

.    पूरी तरह भरा हुआ आवेदन पत्र
.    वर्तमान जीवन परिचय (सीवी)

आवेदन भेजने की अंतिम तिथि 5 जून 2017 है!